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कंट्रोल एम.एम.आर.पी कैंपेन-22 जून 2012

 

कंट्रोल एम.एम.आर.पी.-

कंट्रोल मेडिसिन मैक्सिमम रिटेल प्राइस कैंपेन सन 2012 से चलाया जा रहा है। इसका उद्देश्य यह है कि दवाइयों में मची लूट को रोका जाए। इस कैंपेन का असर यह हुआ है कि सरकार अब तमाम दवाइयों कीमतों पर लगाम लगाने में जुटी है।

क्या है जेनरिक दवा लाइए पैसा बचाइए कैंपेन

भारत दुनिया के बड़े जेनरिक दवा उत्पादकों में से एक है। बावजूद इसके भारत की गरीब जनता को ब्रांड के नाम पर महंगी दवाइयों खिलाने की साजिश रची जा रही है। इस दिशा में जेनरिक मेडिसिन यानी ब्रांड रहित दवा के प्रसार करना हमारा ध्येय है ताकि लोगों को सस्ती दवाइयां मिल सकें। ध्यान रहे जेनरिक दवाइयों के नामों को लेकर बहुत गलतफहमियां है, जिसे दूर करना जरूरी है। यह काम सरकार कर सकती है। सरकार पर इस बावत दबाव डालना बहुत जरूरी है। इस दबाव का असर अब दिखने लगा है सरकार ने अभी तक  देश में 4000 से ज्यादा जनऔषधि केन्द्र खोल दिए हैं। लेकिन हमारा लक्ष्य है कि देश के प्रत्यक पंचायत में एक जनऔषधि केन्द्र खुले।

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